बेंगलुरु में Zomato के एक वेयरहाउस सुपरवाइजर का वीडियो सामने आने के बाद भाषा को लेकर विवाद खड़ा हो गया। वीडियो में कर्मचारी स्थानीय स्टाफ से हिंदी सीखने या नौकरी छोड़ने की बात करता नजर आया। मामला बढ़ने के बाद उसने कन्नड़ भाषा में हाथ जोड़कर माफी मांगी। आगे पढ़ें पूरी खबर।

वीडियो सामने आते ही शुरू हुआ विवाद
रिपोर्ट्स के मुताबिक, बेंगलुरु स्थित Zomato के एक वेयरहाउस में शिफ्ट सुपरवाइजर अशोक का वीडियो सामने आया। वीडियो में वह कर्मचारियों से कहता दिखाई देता है कि वह कन्नड़ नहीं जानता और उनसे हिंदी में ही बात करेगा। कर्मचारियों को हिंदी सीखने या नौकरी छोड़ने की बात भी कही गई।
एक कर्मचारी ने जब उसे याद दिलाया कि यह कर्नाटक है, तो वीडियो में सुपरवाइजर कथित तौर पर जवाब देता है कि वह केवल हिंदी में ही बात करेगा। इसके बाद मामला सोशल मीडिया पर चर्चा में आ गया।
विरोध के बाद पुलिस में शिकायत
वीडियो सामने आने के बाद कई कन्नड़ समर्थक संगठनों और लोगों ने इसका विरोध किया। प्रदर्शनकारी वेयरहाउस के बाहर पहुंचे और सुपरवाइजर के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। मामले में पुलिस से शिकायत भी की गई। रिपोर्ट्स के अनुसार, स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने उसे कुछ समय के लिए हिरासत में लिया था।बाद की रिपोर्टों में पुलिस कार्रवाई और मामला दर्ज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है। हालांकि, मामले से जुड़े आरोपों और आगे की कानूनी कार्रवाई को लेकर अलग-अलग रिपोर्टों में विवरण अलग हैं।
फिर कन्नड़ में मांगी माफी
विवाद बढ़ने के बाद सुपरवाइजर ने एक वीडियो जारी किया, जिसमें वह कन्नड़ भाषा में हाथ जोड़कर माफी मांगता नजर आया। उसने अपने बयान पर अफसोस जताया और दोबारा ऐसी गलती नहीं करने की बात कही।
भाषा को लेकर फिर छिड़ी बहस
इस घटना ने कर्नाटक में कार्यस्थल पर भाषा और स्थानीय भाषा के सम्मान को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है। बेंगलुरु देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले कर्मचारियों का बड़ा कार्यस्थल है, ऐसे में भाषा को लेकर संवेदनशीलता का मुद्दा एक बार फिर चर्चा में है।
आप इस पूरे मामले को लेकर क्या सोचते हैं? अपनी राय कमेंट में जरूर बताएं।




