57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक में कारोबारियों और छोटे उद्योगों को बड़ी राहत देने वाले कई अहम फैसले लिए गए हैं। सरकार ने जीएसटी से जुड़े मामलों में कार्रवाई की प्रक्रिया को आसान बनाने और अनावश्यक आपराधिक कार्रवाई कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।आगे पढ़ें पूरी खबर।

टैक्स अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति खत्म
जीएसटी काउंसिल ने जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी की शक्ति को खत्म करने का फैसला किया है। सरकार का कहना है कि इन बदलावों का उद्देश्य टैक्स व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद और कारोबार के लिए आसान बनाना है।
₹1 करोड़ से बढ़कर ₹5 करोड़ हुई अभियोजन सीमा
जीएसटी कानून के तहत आपराधिक मुकदमा शुरू करने की न्यूनतम सीमा अब ₹1 करोड़ से बढ़ाकर ₹5 करोड़ कर दी गई है। इसका मतलब है कि कम राशि से जुड़े टैक्स मामलों में आपराधिक अभियोजन का जोखिम कम होगा और कारोबारियों को राहत मिलेगी।
₹10 हजार से कम के नए नोटिस नहीं
काउंसिल ने छोटे मामलों में नोटिस जारी करने की प्रक्रिया को भी आसान किया है। अब ₹10,000 या उससे कम की राशि वाले नए नोटिस जारी नहीं किए जाएंगे। ऐसे पुराने लंबित नोटिस भी वापस लेने की सिफारिश की गई है।
सामान्य जुर्माना भी घटाया गया
जहां किसी अपराध के लिए अलग से जुर्माने का प्रावधान नहीं है, वहां लगने वाला सामान्य जुर्माना ₹25,000 से घटाकर ₹10,000 किया गया है। वहीं न्यूनतम सजा का प्रावधान हटाकर सजा तय करने का अधिकार अदालत के विवेक पर छोड़ा गया है।
छोटे कारोबारियों और MSME को क्या फायदा?
इन फैसलों से छोटे व्यापारियों और MSME के लिए अनुपालन का बोझ कम होने की उम्मीद है। आपराधिक कार्रवाई की सीमा बढ़ने और छोटे मामलों में नोटिस कम होने से कारोबारियों को कानूनी प्रक्रियाओं और अतिरिक्त प्रशासनिक खर्च से राहत मिल सकती है।
ई-कॉमर्स और डिलीवरी सेवाओं को भी राहत
काउंसिल ने छोटे ई-कॉमर्स विक्रेताओं के लिए पंजीकरण प्रक्रिया को आसान बनाने का फैसला किया है। इसके अलावा अनरजिस्टर्ड राइडर डिलीवरी सेवाओं पर GST दर 18% से घटाकर 5% करने का निर्णय भी लिया गया है।
GST दरों में इस बैठक में बदलाव नहीं
57वीं जीएसटी काउंसिल बैठक में इन बड़े प्रशासनिक सुधारों के बावजूद GST की दरों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया। फोकस मुख्य रूप से टैक्स अनुपालन को सरल बनाने और कारोबारियों के लिए व्यवस्था को आसान करने पर रहा।
क्या बदला, एक नजर में
गिरफ्तारी शक्ति: खत्म
अभियोजन की सीमा: ₹1 करोड़ से बढ़कर ₹5 करोड़
छोटे नोटिस की सीमा: ₹10,000
सामान्य जुर्माना: ₹25,000 से घटकर ₹10,000
GST दरें: इस बैठक में कोई नया बदलाव नहीं
इन फैसलों को GST व्यवस्था को अधिक सरल, पारदर्शी और कारोबार-अनुकूल बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।




