दिल्ली में यमुना की सफाई को लेकर सियासत एक बार फिर तेज हो गई है। BJP ने यमुना की सफाई का वीडियो साझा करते हुए कांग्रेस और आम आदमी पार्टी (AAP) पर निशाना साधा है। पार्टी ने दावा किया कि पिछले 27 वर्षों में जो काम नहीं हो पाया, उसे दो साल में करके दिखाया गया है। वहीं, मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी यमुना घाटों पर चलाए गए सफाई अभियान में शामिल हुईं। ऐसे में सवाल है कि क्या यमुना की सफाई को लेकर दिल्ली की राजनीति में नई बहस शुरू हो गई है? आगे पढ़ें पूरी खबर।

यमुना की सफाई का वीडियो साझा कर BJP का हमला
दिल्ली BJP ने यमुना की सफाई से जुड़ा वीडियो साझा करते हुए पिछली सरकारों के कामकाज पर सवाल उठाए। पार्टी ने अपने संदेश में दावा किया कि 27 वर्षों में जो बदलाव नहीं हो सका, वह दो साल में करके दिखाया गया है।
इस बयान के जरिए BJP ने कांग्रेस और AAP को घेरने की कोशिश की। यमुना की सफाई दिल्ली में लंबे समय से राजनीतिक बहस का विषय रही है। अलग-अलग दल एक-दूसरे पर नदी की बदहाली और प्रदूषण को लेकर आरोप लगाते रहे हैं।
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी सफाई अभियान में हुईं शामिल
18 अक्टूबर को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अपनी कैबिनेट के सहयोगियों, BJP नेताओं और स्वयंसेवकों के साथ ‘चलो यमुना’ अभियान के तहत सफाई गतिविधियों में हिस्सा लिया। यह अभियान दिल्ली के 70 घाटों पर चलाया गया।
मुख्यमंत्री ने ITO के हाथी घाट पर सफाई अभियान में भाग लिया और लोगों से यमुना को स्वच्छ रखने में सहयोग करने की अपील की। अभियान के दौरान नदी किनारे से प्लास्टिक, पूजा सामग्री, टूटी मूर्तियों और अन्य कचरे को हटाने पर जोर दिया गया।
यमुना को साफ रखने के लिए लोगों से भी अपील
मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे पूजा सामग्री, प्लास्टिक और अन्य कचरा यमुना या उसके घाटों पर न डालें। उन्होंने कहा कि नदी को साफ रखने के लिए सरकार के प्रयासों के साथ आम नागरिकों की भागीदारी भी जरूरी है।
दिल्ली सरकार की ओर से नालों के पानी को उपचारित करने, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट की व्यवस्था मजबूत करने और नालों की गाद निकालने जैसे कदमों पर भी काम किए जाने की बात कही गई है।
यमुना की सफाई पर क्यों होती है सियासत?
दिल्ली में यमुना प्रदूषण का मुद्दा कई वर्षों से राजनीतिक विवाद का हिस्सा रहा है। AAP और BJP पहले भी नदी की सफाई को लेकर एक-दूसरे पर आरोप लगाते रहे हैं। जहां BJP पिछली सरकारों की नाकामी का आरोप लगाती रही है, वहीं AAP ने पहले भी यमुना में प्रदूषण के लिए दूसरे राज्यों से आने वाले गंदे पानी और सरकारों की नीतियों पर सवाल उठाए हैं।
हालांकि, नदी की वास्तविक स्थिति का आकलन केवल सफाई अभियान के वीडियो से नहीं किया जा सकता। इसके लिए पानी की गुणवत्ता, प्रदूषण के स्तर और सीवेज उपचार से जुड़े आंकड़ों को भी देखना जरूरी है।
यमुना को साफ करने के लिए आगे क्या?
यमुना की सफाई के लिए घाटों से कचरा हटाने के साथ-साथ नालों के गंदे पानी का उपचार, सीवेज नेटवर्क का विस्तार और औद्योगिक प्रदूषण पर नियंत्रण जैसे कदम महत्वपूर्ण हैं। हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से भी यमुना के कायाकल्प से जुड़ी परियोजनाओं की घोषणा की गई है।
नदी की सफाई का स्थायी परिणाम तभी दिखाई देगा, जब सफाई अभियान के साथ प्रदूषण के स्रोतों पर भी लगातार काम हो और पानी की गुणवत्ता में सुधार के आंकड़े सामने आएं।




