उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा से बैंकिंग धोखाधड़ी का बड़ा मामला सामने आया है। पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सेक्टर पाई शाखा में ग्राहकों के खातों और फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से कथित तौर पर 10.24 करोड़ रुपये निकालकर दूसरे खातों में ट्रांसफर किए गए। इस मामले में बैंक की महिला कर्मचारी दीपांशी समेत कई लोगों के खिलाफ CBI ने FIR दर्ज की है। आरोप है कि दूसरे बैंक अधिकारियों की यूजर आईडी और पासवर्ड का इस्तेमाल कर करीब तीन साल तक यह गड़बड़ी की गई। आखिर कैसे सामने आया करोड़ों रुपये का यह मामला? आगे पढ़ें पूरी खबर।

महिला कर्मचारी पर करोड़ों रुपये ट्रांसफर करने का आरोप
मामला ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई स्थित पंजाब नेशनल बैंक की शाखा का है। बैंक की शिकायत के मुताबिक, महिला कर्मचारी दीपांशी पर आरोप है कि उसने अन्य अधिकारियों की CBS यूजर आईडी और पासवर्ड का गलत इस्तेमाल कर ग्राहकों के खातों से अनधिकृत ट्रांजैक्शन किए।
आरोप है कि ग्राहकों के खातों से निकाली गई रकम अपने सहयोगियों और उनसे जुड़े लोगों के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। बैंक की शुरुआती जांच में कथित धोखाधड़ी की रकम करीब 10.24 करोड़ रुपये बताई गई है।
छह बैंक अधिकारियों की यूजर ID का इस्तेमाल
शिकायत के अनुसार, इस कथित धोखाधड़ी में वरिष्ठ शाखा प्रबंधक निशा तिर्की समेत छह बैंक अधिकारियों की यूजर आईडी का इस्तेमाल किया गया। आरोप है कि बिना खाताधारकों की अनुमति के पैसे ट्रांसफर किए गए।
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ ग्राहकों के मोबाइल अलर्ट बंद कर दिए गए थे, ताकि उन्हें खाते से पैसे निकलने की जानकारी तुरंत न मिल सके। बैंक की शिकायत में अशुतोष पाठक, प्रदीप कुमार, मेमबंती देवी, प्रियंका कुमारी, शांति देवी, शालिनी और सरोज देवी समेत कई लोगों के नाम भी शामिल हैं।
पासबुक अपडेट कराने पहुंची महिला से खुला मामला
रिपोर्ट के मुताबिक, 16 सितंबर को एक ग्राहक संगीता बैंक में अपनी पासबुक अपडेट कराने पहुंचीं। इस दौरान उन्हें खाते में तीन ऐसे ट्रांजैक्शन दिखाई दिए, जिनकी जानकारी उन्हें नहीं थी।
जब इन ट्रांजैक्शन के बारे में सवाल किया गया तो कथित तौर पर उन्हें सही बताया गया, लेकिन बैंक को इनके समर्थन में जरूरी वाउचर और अनुमति से जुड़े दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद बैंक ने आंतरिक जांच शुरू की और कथित गड़बड़ी का मामला सामने आया।
49 FD में भी गड़बड़ी की आशंका
बैंक की जांच में फिक्स्ड डिपॉजिट को लेकर भी संदिग्ध गतिविधियां सामने आई हैं। आरोप है कि कुछ FD को समय से पहले बंद कराया गया और उनकी रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर की गई।
बैंक की सूची में 49 FD का उल्लेख है। इनसे जुड़े लेनदेन की कुल रकम करीब 70.23 करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि, यह आंकड़ा कथित 10.24 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी से किस तरह जुड़ा है, इसकी जांच की जा रही है।
CBI ने दर्ज की FIR, कई लोगों के नाम शामिल
बैंक के मुख्य प्रबंधक अजय कुमार पांडेय की शिकायत के आधार पर CBI की एंटी करप्शन ब्रांच, गाजियाबाद ने 29 अक्टूबर को FIR दर्ज की। इसमें दीपांशी, अशुतोष पाठक और अन्य लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।
CBI ने भारतीय न्याय संहिता (BNS), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत जांच शुरू की है। एजेंसी अब बैंक के डिजिटल रिकॉर्ड, ट्रांजैक्शन और उन खातों की जांच करेगी, जिनमें कथित तौर पर रकम भेजी गई।
ग्राहकों के दावे में 35 करोड़ रुपये तक की रकम का जिक्र
इस पूरे मामले में खाताधारकों की ओर से सामने आई रकम और बैंक की शिकायत में दर्ज रकम अलग-अलग है। कुछ ग्राहकों ने करीब 35 करोड़ रुपये तक की राशि गायब होने का दावा किया है, जबकि बैंक की शिकायत में फिलहाल 10.24 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी का उल्लेख है।
PNB ने कहा है कि वह शिकायतों की जांच कर रहा है और तीन दावों के तहत 43 लाख रुपये का भुगतान किया जा चुका है। बैंक ने वास्तविक और वैध दावों का भुगतान करने का भरोसा भी दिया है।
फिलहाल CBI और पुलिस मामले की जांच कर रही हैं। जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगा कि कितने खाताधारक प्रभावित हुए और कथित धोखाधड़ी में कुल कितनी रकम शामिल है।




