पंजाब यूनिवर्सिटी में करंट लगने से पीएचडी स्कॉलर ज्योति की दर्दनाक मौत के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। विश्वविद्यालय ने मृतका के भाई को सहानुभूतिपूर्ण आधार (कम्पैशनेट ग्राउंड) पर नौकरी देने और परिवार को ₹16 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

ज्योति हरियाणा के रेवाड़ी जिले की रहने वाली थीं और पंजाब यूनिवर्सिटी के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में पीएचडी कर रही थीं। मंगलवार सुबह वह गर्ल्स हॉस्टल से विभाग की ओर जा रही थीं। इसी दौरान बारिश के कारण जलभराव वाले क्षेत्र में कथित रूप से करंट की चपेट में आ गईं। उन्हें तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।
हादसे के बाद विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में छात्रों ने प्रदर्शन किया और विश्वविद्यालय प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। छात्रों ने दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई, कैंपस की विद्युत सुरक्षा व्यवस्था की जांच और जिम्मेदारी तय करने की मांग की।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने बताया कि ₹16 लाख के मुआवजे में ₹11 लाख छात्र कल्याण कार्यालय (DSW) और ₹5 लाख विवेकाधीन कोष से दिए जाएंगे। साथ ही, मृतका के भाई को विश्वविद्यालय में इलेक्ट्रीशियन के पद पर नियुक्ति देने का निर्णय लिया गया है।
वहीं, पुलिस ने इस मामले में लापरवाही से मौत का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पता लगाया जा रहा है कि करंट का स्रोत क्या था और क्या विद्युत व्यवस्था के रखरखाव में किसी प्रकार की लापरवाही हुई थी। विश्वविद्यालय ने भी पूरे कैंपस का सुरक्षा ऑडिट कराने और जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया है।


