ISRO ने रचा इतिहास, चीन में क्यों मची बौखलाहट?
भारत ने अंतरिक्ष की दुनिया में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल कर ली है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) ने देर रात GSLV-F17 रॉकेट के जरिए EOS-05 अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट को सफलतापूर्वक लॉन्च किया। यह सैटेलाइट हर मौसम और दिन-रात पृथ्वी की तस्वीरें लेने में सक्षम है और इसे भारत की सुरक्षा व निगरानी क्षमता बढ़ाने वाला बड़ा कदम माना जा रहा है। आगे पढ़ें पूरी खबर…

आधी रात सफल हुआ EOS-05 मिशन
ISRO ने श्रीहरिकोटा स्थित सतीश धवन स्पेस सेंटर से आधी रात GSLV-F17 रॉकेट लॉन्च किया। लॉन्च के कुछ ही मिनटों बाद EOS-05 को उसकी तय कक्षा में स्थापित कर दिया गया। मिशन की सफलता पर ISRO प्रमुख वी. नारायणन ने वैज्ञानिकों को बधाई देते हुए इसे भारत के लिए ऐतिहासिक उपलब्धि बताया।
क्या है EOS-05 की सबसे बड़ी ताकत?
EOS-05 एक अत्याधुनिक Earth Observation Satellite है, जिसमें सिंथेटिक अपर्चर रडार (SAR) तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। इसकी खासियत यह है कि यह:
- दिन और रात दोनों समय तस्वीरें ले सकता है।
- बादलों और खराब मौसम में भी निगरानी कर सकता है।
- सीमा सुरक्षा, आपदा प्रबंधन और कृषि जैसे क्षेत्रों में मदद करेगा।
चीन के Yaogan-41 को देगा चुनौती
विशेषज्ञों के मुताबिक EOS-05 की तुलना चीन के Yaogan-41 सैटेलाइट से की जा रही है। Yaogan-41 चीन का शक्तिशाली जियोसिंक्रोनस निगरानी सैटेलाइट है, जबकि EOS-05 भारत की धरती की बेहद सटीक तस्वीरें और निगरानी क्षमता को मजबूत करेगा। इससे भारत की सामरिक तैयारियों को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है।
सुरक्षा और आपदा प्रबंधन में बड़ी भूमिका
EOS-05 का उपयोग सीमाओं पर गतिविधियों की निगरानी, बाढ़ और भूस्खलन जैसी प्राकृतिक आपदाओं का आकलन, जंगलों और खेती की निगरानी तथा समुद्री क्षेत्रों पर नजर रखने में किया जाएगा।
भारत की अंतरिक्ष ताकत हुई और मजबूत
EOS-05 मिशन की सफलता के साथ भारत ने एक बार फिर साबित कर दिया कि वह अंतरिक्ष तकनीक में लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहा है। यह मिशन देश की सुरक्षा, वैज्ञानिक क्षमता और अंतरिक्ष क्षेत्र में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।






