प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की कैबिनेट में सितंबर महीने के दौरान बड़ा फेरबदल और विस्तार होने की चर्चा तेज हो गई है। माना जा रहा है कि बिहार और महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों से पहले सरकार संगठन और चुनावी समीकरणों को साधने के लिए कई नए चेहरों को मौका दे सकती है। वहीं कुछ मौजूदा मंत्रियों की जिम्मेदारियां बदली जा सकती हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर…

युवा चेहरों और चुनावी राज्यों पर फोकस
सूत्रों के मुताबिक, इस फेरबदल में युवाओं, महिलाओं और चुनावी राज्यों को प्राथमिकता मिल सकती है। खासतौर पर बिहार और महाराष्ट्र से नए सांसदों को मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की संभावना जताई जा रही है, ताकि आगामी विधानसभा चुनावों में राजनीतिक संदेश दिया जा सके।
किन मंत्रियों की जिम्मेदारी बदल सकती है?
चर्चा है कि कुछ वरिष्ठ मंत्रियों के विभाग बदले जा सकते हैं, जबकि कुछ नए नेताओं को स्वतंत्र प्रभार या राज्य मंत्री बनाया जा सकता है। हालांकि सरकार की ओर से अभी तक किसी नाम की आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
संगठन और सरकार में होगा संतुलन
भाजपा संगठन में भी बदलाव की संभावना के बीच मंत्रिमंडल विस्तार को संगठनात्मक रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी का फोकस 2027 के विधानसभा चुनावों और आने वाले राजनीतिक समीकरणों पर माना जा रहा है।
आधिकारिक ऐलान का इंतजार
फिलहाल कैबिनेट फेरबदल को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। प्रधानमंत्री कार्यालय और भाजपा नेतृत्व की अंतिम मंजूरी के बाद ही नए मंत्रियों और विभागों की तस्वीर साफ होगी।




