लखनऊ में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की तैयारियां अब तेज हो गई हैं। आने वाले वर्षों में लखनऊ मेट्रो को शहर के प्रमुख इलाकों के साथ-साथ आसपास के जिलों तक पहुंचाने की योजना पर काम शुरू हो चुका है। इसी कड़ी में बाराबंकी को भी मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। प्रस्तावित नए कॉरिडोर के लिए मेट्रो डिपो और अन्य जरूरी सुविधाओं के निर्माण को लेकर जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। आगे पढ़ें पूरी खबर…

20 हेक्टेयर जमीन की तलाश
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) करीब 20 हेक्टेयर जमीन की तलाश कर रहा है। प्रस्तावित मेट्रो मार्गों के आसपास जमीन की उपलब्धता और उपयोगिता का आकलन करने के लिए एलडीए ने पांच अधिकारियों की समिति बनाई है। समिति मेट्रो के संभावित एलाइनमेंट से करीब एक से दो किलोमीटर के दायरे में जमीन तलाशेगी। शुरुआती तौर पर तीन स्थानों पर जमीन देखी भी जा चुकी है।
मेट्रो डिपो में ट्रेनों को खड़ा करने के साथ उनकी सफाई, नियमित जांच, रखरखाव और मरम्मत जैसी महत्वपूर्ण व्यवस्थाएं होती हैं। इसलिए डिपो के लिए ऐसी जगह चुनी जा रही है, जिसे प्रस्तावित मेट्रो लाइन से आसानी से जोड़ा जा सके।
बाराबंकी समेत इन इलाकों को मिलेगा फायदा
लखनऊ मेट्रो के विस्तार की योजना में बाराबंकी, पीजीआई, सीतापुर रोड, आईआईएम रोड, राष्ट्रीय प्रेरणा स्थल, एकाना स्टेडियम, सुशांत गोल्फ सिटी और आशियाना समेत कई नए क्षेत्रों को नेटवर्क से जोड़ने की तैयारी है। लक्ष्य राजधानी के अधिक से अधिक प्रमुख इलाकों को मेट्रो कनेक्टिविटी देना है।
प्रस्तावित प्रमुख कॉरिडोर
- कल्ली पश्चिम–आईआईएम कॉरिडोर — करीब 45 किमी
- राजाजीपुरम–आईआईएम कॉरिडोर — करीब 18.42 किमी
- चारबाग–कल्ली पश्चिम कॉरिडोर — करीब 13 किमी
- इंदिरा नगर–सीजी सिटी कॉरिडोर — करीब 7.7 किमी
- इंदिरा नगर–अनौरा कला कॉरिडोर — करीब 9.27 किमी
- सीसीएस एयरपोर्ट–बंथरा कॉरिडोर — करीब 11 किमी
- मुंशीपुलिया–जानकीपुरम कॉरिडोर — करीब 6.29 किमी
- सीजी सिटी–एयरपोर्ट कॉरिडोर — करीब 19.8 किमी
- कल्ली पश्चिम–मोहनलालगंज कॉरिडोर — करीब 6 किमी
- अनौरा कला–बाराबंकी कॉरिडोर — करीब 14 किमी
लखनऊ से बाराबंकी की कनेक्टिविटी होगी आसान
अनौरा कला से बाराबंकी तक प्रस्तावित कॉरिडोर करीब 14 किलोमीटर लंबा बताया गया है। इससे लखनऊ और बाराबंकी के बीच सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी मजबूत होने की उम्मीद है। बाराबंकी के साथ-साथ लखनऊ के बाहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को भी आने-जाने में सुविधा मिल सकती है।
2047 तक बड़े नेटवर्क का लक्ष्य
मेट्रो विस्तार की यह योजना सिर्फ मौजूदा शहर तक सीमित नहीं है। लक्ष्य आने वाले वर्षों में लखनऊ के प्रमुख हिस्सों और आसपास के क्षेत्रों को मेट्रो नेटवर्क से जोड़ना है। इसी दिशा में नए कॉरिडोर, डिपो और अन्य बुनियादी ढांचे के लिए जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।




