हरियाणा में बिजली कर्मचारियों की तीन दिवसीय हड़ताल खत्म हो गई है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और ऊर्जा मंत्री अनिल विज के साथ पंचकूला में हुई बैठक के बाद कर्मचारी संगठनों ने हड़ताल वापस लेने का ऐलान किया। कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण का लाइसेंस निजी कंपनी को दिए जाने के फैसले का विरोध कर रहे थे। हड़ताल के चलते कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई और लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। आखिर सरकार और कर्मचारी नेताओं के बीच बैठक में क्या सहमति बनी? आगे पढ़ें पूरी खबर।

मुख्यमंत्री और ऊर्जा मंत्री के साथ हुई बैठक
पंचकूला के पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, ऊर्जा मंत्री अनिल विज, बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों के बीच बातचीत हुई। बैठक में बिजली वितरण व्यवस्था, निजी कंपनी को लाइसेंस दिए जाने और कर्मचारियों की चिंताओं पर चर्चा की गई।
बैठक के बाद कर्मचारी नेताओं ने हड़ताल खत्म करने की घोषणा की। इससे बिजली सेवाओं को सामान्य करने की दिशा में रास्ता खुल गया है।
निजीकरण के फैसले का विरोध कर रहे थे कर्मचारी
बिजली कर्मचारी गुरुग्राम और नूंह में बिजली वितरण के लिए निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड को 25 साल का समानांतर लाइसेंस दिए जाने के फैसले का विरोध कर रहे थे। कर्मचारी संगठनों का कहना था कि इससे सरकारी बिजली वितरण व्यवस्था और कर्मचारियों के हित प्रभावित हो सकते हैं।
हड़ताल के दौरान प्रदेश के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आईं। कुछ जगहों पर बिजली न मिलने से पानी की आपूर्ति और रोजमर्रा के काम भी प्रभावित हुए।
सरकार ने फैसले पर कानूनी कदम उठाने की बात कही
ऊर्जा मंत्री अनिल विज ने कहा था कि राज्य सरकार बिजली वितरण के लाइसेंस से जुड़े फैसले पर कानूनी और नीतिगत विकल्पों पर विचार कर रही है। सरकार ने बिजली नियामक आयोग के आदेश के संबंध में विद्युत अधिनियम की धारा 108 के तहत कदम उठाने और कानूनी चुनौती देने की बात कही।
धारा 108 के तहत राज्य सरकार सार्वजनिक हित से जुड़े नीतिगत मामलों में बिजली नियामक आयोग को दिशा-निर्देश दे सकती है। इस प्रावधान का इस्तेमाल किस तरह होगा और आयोग के आदेश पर उसका क्या प्रभाव पड़ेगा, यह आगे की सरकारी और कानूनी कार्रवाई पर निर्भर करेगा।
हड़ताल खत्म होने से बिजली बहाली की उम्मीद
कर्मचारियों की हड़ताल वापस लिए जाने के बाद प्रभावित इलाकों में बिजली आपूर्ति बहाल करने की उम्मीद है। हालांकि, सेवाएं पूरी तरह सामान्य होने में स्थानीय परिस्थितियों और मरम्मत कार्यों के अनुसार समय लग सकता है।
सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच हुई बातचीत से फिलहाल हड़ताल समाप्त हो गई है। बिजली वितरण के निजी लाइसेंस और उससे जुड़े विवाद पर आगे क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर भी नजर रहेगी।




