अग्निपथ योजना के तहत सेना में भर्ती हुए अग्निवीरों के लिए बड़ी खबर सामने आई है। चार साल की सेवा पूरी होने के बाद अब उनके सामने सेना से बाहर होने के अलावा दो साल और सेवा करने का विकल्प भी होगा। चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (CDS) जनरल एनएस राजा सुब्रमणि ने इस संबंध में नई व्यवस्था का ऐलान किया है। इस फैसले से पहले बैच के हजारों अग्निवीरों को राहत मिल सकती है। आखिर किसे मिलेगा यह मौका और नियमित सैनिक बनने की प्रक्रिया में क्या बदलाव होगा? आगे पढ़ें पूरी खबर।

अग्निवीरों को मिलेगा दो साल का अतिरिक्त सेवा विस्तार
केंद्र सरकार ने अग्निवीरों की सेवा अवधि को लेकर बड़ा फैसला किया है। मौजूदा चार साल की सेवा पूरी करने के बाद नियमित कैडर में शामिल नहीं होने वाले 75 प्रतिशत अग्निवीरों को दो साल का अतिरिक्त सेवा अवसर देने की व्यवस्था की गई है।
इसका मतलब है कि संबंधित अग्निवीरों को शुरुआती चार साल के बाद कुल छह साल तक सशस्त्र बलों में सेवा करने का अवसर मिल सकता है। हालांकि, सेवा जारी रखने का फैसला अग्निवीर की अपनी इच्छा पर निर्भर करेगा। यानी किसी को भी अतिरिक्त सेवा के लिए मजबूर नहीं किया जाएगा।
पहले बैच के 18,300 अग्निवीरों को मिल सकती है राहत
अग्निपथ योजना के तहत भर्ती हुए पहले बैच के हजारों अग्निवीरों का चार साल का कार्यकाल पूरा होने वाला है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, करीब 18,300 अग्निवीरों को दिसंबर 2026 तक सेवा से बाहर होना था।
नई व्यवस्था ऐसे समय आई है, जब सेना के तीनों अंगों में पहले बैच के अग्निवीरों की सेवा अवधि पूरी होने की प्रक्रिया शुरू होने वाली थी। इससे उन जवानों को अतिरिक्त समय मिल सकता है, जिन्हें नियमित सेवा के लिए चयनित नहीं किया जाता।
नियमित सैनिक बनने की प्रक्रिया में भी बदलाव
अग्निवीरों के नियमित कैडर में शामिल होने की प्रक्रिया को लेकर भी बदलाव की जानकारी सामने आई है। नई व्यवस्था के तहत लिखित परीक्षा पहले और शारीरिक परीक्षा उसके बाद आयोजित की जाएगी।
इसके अलावा अग्निवीरों को उनकी सेवा के दौरान हासिल किए गए कौशल के आधार पर स्किल सर्टिफिकेट भी दिए जाएंगे। इससे उन्हें सेना में आगे के अवसरों के साथ-साथ भविष्य में अन्य क्षेत्रों में रोजगार पाने में भी मदद मिल सकती है।
क्या है अग्निपथ योजना का मौजूदा नियम?
केंद्र सरकार ने वर्ष 2022 में अग्निपथ योजना शुरू की थी। इसके तहत थल सेना, नौसेना और वायु सेना में अग्निवीरों की भर्ती चार साल की अवधि के लिए की जाती है।
मौजूदा व्यवस्था में प्रत्येक बैच के अधिकतम 25 प्रतिशत अग्निवीरों को उनकी सेवा, प्रदर्शन और संबंधित बलों की जरूरत के आधार पर नियमित कैडर में शामिल किया जा सकता है। नियमित सेवा में चयनित जवान आगे 15 साल तक सेवा कर सकते हैं।
बाकी अग्निवीरों को चार साल का कार्यकाल पूरा होने पर सेवा निधि पैकेज और कौशल प्रमाणपत्र के साथ सेवा से मुक्त किया जाता है। अब दो साल के अतिरिक्त सेवा अवसर से इस व्यवस्था में एक नया विकल्प जुड़ गया है।
अग्निवीरों के लिए क्यों अहम है यह फैसला?
इस बदलाव से अग्निवीरों को सेना में अधिक समय तक काम करने और सैन्य अनुभव हासिल करने का अवसर मिलेगा। वहीं, रक्षा बलों को भी प्रशिक्षित और अनुभवी जवानों की सेवाएं कुछ समय और मिल सकेंगी।
हालांकि, अतिरिक्त सेवा की विस्तृत पात्रता, चयन प्रक्रिया और अन्य सेवा शर्तों को लेकर आगे जारी होने वाले आधिकारिक दिशा-निर्देश अहम होंगे।




