हरियाणा में रोडवेज बसों से सफर करने वाले यात्रियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। सिरसा, हिसार और हांसी समेत कई डिपो में कर्मचारियों की हड़ताल के कारण बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। सिरसा में 100 से ज्यादा बसें सड़कों से बाहर हैं, जबकि दिल्ली, चंडीगढ़ और गुरुग्राम जाने वाले यात्रियों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। कर्मचारियों ने अपनी मांगें पूरी नहीं होने पर 5 और 6 नवंबर को प्रदेशव्यापी चक्का जाम का ऐलान किया है। ऐसे में आने वाले दो दिनों में हरियाणा की बस सेवाओं पर बड़ा असर पड़ सकता है। आगे पढ़ें पूरी खबर।

सिरसा में 100 से ज्यादा बसें नहीं चलीं
सिरसा रोडवेज डिपो में कर्मचारियों के विरोध प्रदर्शन के कारण 100 से ज्यादा बसों का संचालन प्रभावित हुआ है। कर्मचारी बस अड्डे पर धरना देकर अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। डबवाली सब-डिपो के कर्मचारी भी आंदोलन में शामिल हैं।
इसका असर दिल्ली, चंडीगढ़, गुरुग्राम, पोखरण और हनुमानगढ़ समेत कई रूटों पर पड़ा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी बस सेवाएं प्रभावित हुई हैं। स्कूल और कॉलेज जाने वाले विद्यार्थियों सहित रोजाना सफर करने वाले यात्रियों को दूसरे साधनों का सहारा लेना पड़ रहा है।
5 और 6 नवंबर को पूरे हरियाणा में चक्का जाम
रोडवेज कर्मचारी संगठनों ने 5 और 6 नवंबर को प्रदेशव्यापी हड़ताल का ऐलान किया है। साझा मोर्चा के अनुसार, मांगों का समाधान नहीं होने पर 24 डिपो और 13 सब-डिपो में बसों का संचालन बंद किया जा सकता है।
कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर ठोस फैसला नहीं हुआ तो आंदोलन को अनिश्चितकाल तक बढ़ाया जा सकता है। इससे राज्य के भीतर और दूसरे राज्यों के लिए चलने वाली बस सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।
किन मांगों को लेकर कर रहे हैं प्रदर्शन?
रोडवेज कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में लंबित ओवरटाइम भुगतान, रात्रि भत्ता, यात्रा भत्ता (TA), अवकाश यात्रा रियायत (LTC) और मेडिकल बिलों का भुगतान शामिल है।
कर्मचारियों का कहना है कि कई भत्तों और बिलों का भुगतान लंबे समय से अटका हुआ है। उन्होंने प्रबंधन से सिर्फ आश्वासन नहीं, बल्कि लिखित और ठोस समाधान की मांग की है।
सिरसा GM ने भुगतान को लेकर क्या कहा?
सिरसा डिपो के महाप्रबंधक अजय दलाल ने कर्मचारियों के प्रतिनिधिमंडल से बातचीत की है। उन्होंने बताया कि कुछ लंबित यात्रा भत्ता बिल मुख्यालय को मंजूरी के लिए भेजे गए हैं।
महाप्रबंधक के अनुसार, वरिष्ठ अधिकारियों ने बजट जारी करने का आश्वासन दिया है। राशि मिलते ही भुगतान की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। प्रबंधन ने कर्मचारियों को एक-दो दिन में बकाया भुगतान करने का भरोसा भी दिया है, लेकिन कर्मचारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं।
यात्रियों के लिए जरूरी सूचना
हरियाणा में 5 और 6 नवंबर को यात्रा करने की योजना बना रहे लोगों को बसों की उपलब्धता पहले जांच लेनी चाहिए। खासकर सिरसा, डबवाली, हिसार, दिल्ली और चंडीगढ़ रूट पर सफर करने वाले यात्रियों को अतिरिक्त समय लेकर चलना पड़ सकता है।
फिलहाल कर्मचारियों और रोडवेज प्रबंधन के बीच बातचीत से समाधान निकलने का इंतजार है। यदि मांगों पर सहमति नहीं बनी तो प्रदेशभर में बस सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं।






