रामपुर, 29 जुलाई। उत्तर प्रदेश के रामपुर स्थित मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर सियासी विवाद लगातार गहराता जा रहा है। समाजवादी पार्टी के सांसद मौलाना मोहिबुल्लाह नदवी ने कार्रवाई का कड़ा विरोध करते हुए इसे शिक्षा संस्थानों पर हमला बताया। मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा कि “यह गजनवी और गोरी के बाद दूसरा बड़ा हमला है।”
मोहिबुल्लाह नदवी ने कहा कि सरकार और प्रशासन का दायित्व शिक्षा संस्थानों की रक्षा करना है, न कि उन्हें नुकसान पहुंचाना। उनका दावा है कि जिस समय जौहर यूनिवर्सिटी का निर्माण हुआ था, उस समय संबंधित विकास प्राधिकरण का क्षेत्राधिकार वहां लागू नहीं था, इसलिए मौजूदा कार्रवाई उचित नहीं है।
वहीं, रामपुर विकास प्राधिकरण (RDA) का कहना है कि विश्वविद्यालय परिसर की 40 में से 38 इमारतों का निर्माण आवश्यक स्वीकृतियों के बिना किया गया था। इसी आधार पर ध्वस्तीकरण का आदेश जारी किया गया। हालांकि, हाल ही में आयुक्त स्तर पर मामले की अगली सुनवाई तक बुलडोजर कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी गई है।

इस कार्रवाई के विरोध में विश्वविद्यालय के छात्र और समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यदि इमारतों को गिराया गया तो हजारों छात्रों की पढ़ाई प्रभावित होगी। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि पूरा मामला कानूनी प्रक्रिया के अनुसार आगे बढ़ाया जा रहा है और अंतिम निर्णय सक्षम प्राधिकारी तथा न्यायिक प्रक्रिया के अनुरूप होगा।
फिलहाल जौहर यूनिवर्सिटी का मामला कानूनी और राजनीतिक दोनों स्तरों पर चर्चा का विषय बना हुआ है। एक ओर विपक्ष इसे शिक्षा संस्थान पर कार्रवाई बता रहा है, जबकि प्रशासन का कहना है कि यह केवल कथित अवैध निर्माण से जुड़ी वैधानिक कार्रवाई है।


