बेतिया, 29 जुलाई। बिहार के पश्चिम चंपारण जिले के बेतिया स्थित ऐतिहासिक मीना बाजार में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। जिला प्रशासन ने फोरलेन सड़क चौड़ीकरण परियोजना के तहत करीब 85 दुकानों पर बुलडोजर चलाकर उन्हें ध्वस्त कर दिया। कार्रवाई के बाद व्यापारियों में भारी आक्रोश देखने को मिला।

व्यापारियों का आरोप है कि कई दुकानों के मामले में पटना हाईकोर्ट से स्थगन (स्टे) आदेश मिला हुआ था, जबकि कुछ मामलों की अगली सुनवाई 13 अगस्त को निर्धारित है। उनका कहना है कि इसके बावजूद प्रशासन ने अदालत के फैसले का इंतजार किए बिना कार्रवाई कर दी। प्रभावित दुकानदारों ने इसे मनमानी बताते हुए विरोध प्रदर्शन किया।
दुकानदारों का कहना है कि उन्हें ये दुकानें वर्षों पहले पट्टे पर आवंटित की गई थीं और वे नियमित रूप से कर (टैक्स) भी जमा करते रहे हैं। उनका आरोप है कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर केवल छोटे व्यापारियों को निशाना बनाया गया, जबकि वैकल्पिक जमीन उपलब्ध होने के बावजूद उस पर विचार नहीं किया गया।
वहीं, प्रशासन का कहना है कि यह कार्रवाई फोरलेन सड़क परियोजना के लिए चिन्हित अतिक्रमण हटाने के अभियान का हिस्सा है। बुलडोजर कार्रवाई के दौरान किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए इलाके में भारी पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों की तैनाती की गई थी।
कार्रवाई के बाद मीना बाजार क्षेत्र में तनाव का माहौल बना हुआ है। प्रभावित व्यापारियों ने अपनी आजीविका छिनने का आरोप लगाते हुए न्याय की मांग की है। दूसरी ओर, प्रशासन का कहना है कि पूरी कार्रवाई कानून और सरकारी प्रक्रिया के तहत की गई है। मामले को लेकर कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर आगे की प्रक्रिया जारी है।


