नई दिल्ली, 29 जुलाई। दिल्ली सरकार ने राजधानी को देश का प्रमुख स्टार्टअप हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। कैबिनेट ने ₹400 करोड़ की दिल्ली स्टार्टअप एंड इन्क्यूबेशन पॉलिसी को मंजूरी दे दी है। इस योजना के तहत अगले पांच वर्षों में ₹400 करोड़ से अधिक का निवेश कर युवाओं, छात्रों और नए उद्यमियों को स्टार्टअप शुरू करने में सहायता दी जाएगी।

नई नीति का उद्देश्य नवाचार (Innovation), रिसर्च, उद्यमिता (Entrepreneurship) और रोजगार को बढ़ावा देना है। इसके तहत राज्य के विश्वविद्यालयों, कॉलेजों, पॉलिटेक्निक संस्थानों और अन्य शिक्षण संस्थानों में इन्क्यूबेशन सेंटर विकसित किए जाएंगे, जहां स्टार्टअप शुरू करने वालों को मेंटरशिप, तकनीकी सहायता और कारोबारी मार्गदर्शन मिलेगा।
किन्हें मिलेगा फायदा?
स्टार्टअप शुरू करने वाले युवा उद्यमियों को।
कॉलेज और विश्वविद्यालय के छात्र-छात्राओं को।
रिसर्च और इनोवेशन पर काम कर रहे नवाचारकर्ताओं को।
शुरुआती चरण (Early-stage) के स्टार्टअप्स को वित्तीय और इन्क्यूबेशन सहायता मिलेगी।
सरकार का कहना है कि इस नीति के जरिए दिल्ली में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा, नए रोजगार के अवसर पैदा होंगे और युवाओं को अपने व्यवसायिक विचारों को सफल कंपनियों में बदलने के लिए आवश्यक सहयोग मिलेगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि यह नीति दिल्ली को देश के अग्रणी इनोवेशन और स्टार्टअप केंद्रों में शामिल करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि नई स्टार्टअप पॉलिसी से राजधानी में निवेश बढ़ेगा, नवाचार को प्रोत्साहन मिलेगा और हजारों युवाओं को स्वरोजगार तथा रोजगार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।


