नई दिल्ली, 29 जुलाई। दिल्ली हाई कोर्ट ने Paytm Payments Bank Limited (PPBL) को बंद (विंडिंग-अप) करने का आदेश जारी कर दिया है। यह फैसला भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) द्वारा बैंक का लाइसेंस रद्द किए जाने के बाद आया है। अदालत ने बैंक के समापन की पूरी प्रक्रिया की निगरानी के लिए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के एक पूर्व वरिष्ठ अधिकारी को आधिकारिक लिक्विडेटर नियुक्त किया है।
RBI ने अदालत को बताया था कि बैंक का संचालन नियामकीय मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया और यह जमाकर्ताओं तथा बैंकिंग व्यवस्था के हितों के प्रतिकूल था। इसके बाद केंद्रीय बैंक ने हाई कोर्ट से बैंक को औपचारिक रूप से बंद करने की अनुमति मांगी थी। अदालत ने RBI की याचिका स्वीकार करते हुए विंडिंग-अप का आदेश पारित किया।
अदालत के आदेश के बाद नियुक्त लिक्विडेटर बैंक की परिसंपत्तियों, देनदारियों और अन्य कानूनी प्रक्रियाओं का प्रबंधन करेंगे। बैंक के निदेशक मंडल की शक्तियां भी अब लिक्विडेशन प्रक्रिया के तहत संचालित होंगी।
Paytm Payments Bank को वर्ष 2015 में लाइसेंस मिला था और उसने 2017 में परिचालन शुरू किया था। पिछले कुछ वर्षों में RBI ने बैंक पर कई नियामकीय प्रतिबंध लगाए थे। पहले नए ग्राहक जोड़ने पर रोक लगी और बाद में नए जमा स्वीकार करने पर भी प्रतिबंध लगाया गया। अंततः अप्रैल 2026 में बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया गया था।
इस फैसले को भारत के डिजिटल बैंकिंग और फिनटेक क्षेत्र की एक महत्वपूर्ण घटना माना जा रहा है। हालांकि, Paytm ऐप और One97 Communications की अन्य सेवाओं की स्थिति अलग नियामकीय ढांचे के तहत तय होती है, इसलिए इस आदेश का प्रभाव मुख्य रूप से Paytm Payments Bank Limited पर है।


