हरियाणा के पलवल से एक ऐसा मामला सामने आया है, जो कर्ज के बढ़ते बोझ और मानसिक दबाव की गंभीर तस्वीर दिखाता है।मामला 32 वर्षीय एक बैंक कर्मचारी से जुड़ा है। बताया जा रहा है कि सूदखोरों की कथित प्रताड़ना से परेशान होकर युवक ने जहरीला पदार्थ पी लिया। इससे पहले उसने वीडियो बनाकर उसे सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया। वीडियो सामने आने के बाद जब उसकी मां को इस घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने शोर मचाया और परिवार के लोग युवक को अस्पताल लेकर पहुंचे।मामले की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी।परिवार के मुताबिक, युवक के पिता ने गांव के कुछ लोगों से जमीन गिरवी रखकर करीब 30 लाख रुपये उधार लिए थे। ब्याज जुड़ने के बाद यह रकम करीब डेढ़ करोड़ रुपये तक पहुंचने का दावा किया जा रहा है। कर्ज चुकाने के लिए परिवार को अपनी करीब एक एकड़ जमीन तक बेचनी पड़ी।बताया गया कि रकम लौटाने के लिए गांव में पंचायत भी बुलाई गई, जिसमें करीब 42 गांवों के लोग शामिल हुए। लेकिन परिवार का आरोप है कि इसके बावजूद कथित तौर पर ज्यादा ब्याज की मांग की जाती रही।इसी दबाव से परेशान होकर युवक ने इतना बड़ा कदम उठाया। परिवार की शिकायत पर चार लोगों के नाम सामने आए हैं और पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।सबसे बड़ा सवाल यही है—अगर कर्ज चुकाने की कोशिश में एक परिवार अपनी जमीन तक बेच दे और फिर भी दबाव खत्म न हो, तो आखिर इंसान किस हद तक टूट सकता है?फिलहाल युवक का इलाज चल रहा है और पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद ही साफ होगा कि कर्ज, ब्याज और कथित प्रताड़ना को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।


