
हरियाणा के पलवल से सरकारी अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। मामला पलवल के सिविल अस्पताल की इमरजेंसी का है, जहां एक मरीज को सांप काटने के बाद इलाज के लिए लाया गया था।लेकिन अस्पताल के अंदर जो नजारा सामने आया, उसने हर किसी को हैरान कर दिया। वीडियो में एक युवती को जमीन पर बैठाकर नीम की पत्तियों से झाड़ा लगाते हुए देखा जा रहा है। दावा है कि सांप काटने के बाद युवती की हालत बिगड़ गई थी और उसे नीम की पत्तियों से झाड़ा लगाया जा रहा था।अब सवाल ये उठा कि आखिर अस्पताल की इमरजेंसी में आधुनिक इलाज के बीच ये झाड़-फूंक क्यों?मामला सामने आने के बाद स्वास्थ्य विभाग भी हरकत में आया। एसएमओ की तरफ से सफाई दी गई कि अस्पताल के किसी डॉक्टर ने झाड़ा लगाने वाले व्यक्ति को नहीं बुलाया था। मरीज को एंटी-वेनम इंजेक्शन दिया गया था और झाड़ा लगाने वाले व्यक्ति को तुरंत अस्पताल से बाहर कर दिया गया।बताया जा रहा है कि यह वीडियो 18 अगस्त का है। राहत की बात ये है कि युवती को अस्पताल से छुट्टी मिल चुकी है और परिजनों के मुताबिक उसकी हालत अब ठीक है।लेकिन इस पूरे मामले ने एक बड़ा सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—जब जिंदगी बचाने के लिए अस्पताल में डॉक्टर, दवाइयां और एंटी-वेनम मौजूद हैं, तो फिर इमरजेंसी वार्ड में झाड़-फूंक की जगह आखिर क्यों बनी?सांप के काटने के मामलों में समय पर चिकित्सकीय उपचार बेहद जरूरी है। ऐसे में अंधविश्वास के बजाय तुरंत अस्पताल पहुंचना और डॉक्टर की सलाह के मुताबिक इलाज कराना ही सबसे सुरक्षित रास्ता है।

