गुरुग्राम: ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना के तहत प्रस्तावित डिपो के निर्माण का रास्ता अब साफ होता नजर आ रहा है। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) करीब 47 एकड़ जमीन गुरुग्राम मेट्रो रेल लिमिटेड (GMRL) को तीन शर्तों पर देने की तैयारी में है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जमीन हस्तांतरण से जुड़े प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। आगे पढ़ें पूरी खबर…

तीन शर्तों पर मिलेगी डिपो की जमीन
सेक्टर-33 में हीरो होंडा चौक के पास प्रस्तावित मेट्रो डिपो के लिए GMRL ने करीब 1.90 लाख वर्ग मीटर जमीन मांगी थी। HSVP की ओर से तैयार प्रस्ताव को मुख्यमंत्री की मंजूरी मिलने के बाद अब प्राधिकरण इन शर्तों से GMRL को अवगत कराएगा।
जमीन हस्तांतरण की प्रमुख शर्तें इस प्रकार हैं:
1 जमीन का मासिक किराया
GMRL को जमीन के एवज में HSVP को एक रुपये प्रति वर्ग मीटर प्रति माह किराया देना होगा।
2 मेट्रो भवन में HSVP का कार्यालय
डिपो परिसर में बनने वाले मेट्रो भवन का एक फ्लोर HSVP को कार्यालय संचालन के लिए दिया जाएगा।
3आधे हिस्से का मालिकाना हक
मेट्रो भवन के आधे हिस्से का स्वामित्व HSVP के पास रहेगा।
409 करोड़ रुपये में बनेगा मेट्रो डिपो
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो के डिपो निर्माण के लिए GMRL ने करीब 409 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। 16 जून को जारी टेंडर की तकनीकी बिड 5 अगस्त को खोली गई। इसमें छह कंपनियों ने आवेदन किया है। तकनीकी रूप से सफल कंपनियों की फाइल मंजूरी के लिए उच्चाधिकारियों को भेजी गई है। इसके बाद वित्तीय बिड खोलकर टेंडर आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
मेट्रो परियोजना दो चरणों में आगे बढ़ेगी
ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना को दो चरणों में बांटा गया है। पहले चरण में मिलेनियम सिटी सेंटर से सेक्टर-9 तक मेट्रो निर्माण होना है, जिसका टेंडर आवंटित हो चुका है और निर्माण कार्य चल रहा है। दूसरे चरण में सेक्टर-9 से डीएलएफ साइबर सिटी तक मेट्रो का निर्माण प्रस्तावित है। इसके लिए टेंडर जारी करने की प्रक्रिया चल रही है।
सेक्टर-7 में स्टेशन के लिए 1,445 वर्ग मीटर जमीन
इसी बीच, गुरुग्राम मेट्रो के प्रायोरिटी-2 कॉरिडोर के लिए सेक्टर-7 में भी जमीन उपलब्ध कराने का प्रस्ताव नगर निगम सदन ने मंजूर किया है। सदन की सामान्य बैठक में 1,445 वर्ग मीटर जमीन उपलब्ध कराने को मंजूरी दी गई। इस जमीन की जरूरत मेट्रो स्टेशन के प्रवेश और निकास के लिए है।
यह प्रस्ताव ओल्ड गुरुग्राम में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जमीन मिलने से स्टेशन के निर्माण से जुड़ी तैयारियों को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
इस्लामपुर की जमीन पर अभी सहमति बाकी
डिपो निर्माण के लिए गांव इस्लामपुर की करीब 14 हजार वर्ग मीटर जमीन भी परियोजना में आ रही है। इस जमीन पर लगभग 100 कमरों का निर्माण किया गया है। जमीन मालिकों ने जमीन के बदले जमीन देने की मांग की है, जबकि GMRL की नीति के अनुसार बाजार मूल्य से 25 प्रतिशत अधिक मुआवजा देने का प्रावधान है। दोनों पक्षों के बीच अभी सहमति नहीं बन सकी है।
क्या है ओल्ड गुरुग्राम मेट्रो परियोजना?
गुरुग्राम मेट्रो परियोजना का उद्देश्य पुराने और नए गुरुग्राम को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ना है। GMRL के अनुसार, मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक करीब 28.5 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर में 27 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित हैं। इस परियोजना से आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के बीच आवागमन बेहतर होने की उम्मीद है।




