हत्या के एक मामले में जमानत मिलने के बाद कथित तौर पर विजय जुलूस निकालने और गवाहों को धमकाने के आरोप पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। अदालत ने हरियाणा पुलिस को आरोपी विशाल को गिरफ्तार कर 21 सितंबर को अपने सामने पेश करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि अगस्त में जारी गैर-जमानती वारंट के बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी अब तक क्यों नहीं हुई। आगे पढ़ें पूरी खबर…

जमानत के बाद जुलूस पर सुप्रीम कोर्ट की नाराजगी
जस्टिस विक्रम नाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने कहा कि जमानत मिलने के बाद इस तरह जश्न मनाते हुए जुलूस निकालना उचित नहीं है। शिकायतकर्ता की ओर से पेश वकील ने अदालत को बताया कि हाई कोर्ट से जमानत मिलने के बाद आरोपी ने जुलूस निकाला और मामले के गवाहों को धमकाया भी।
अदालत ने आरोपी को पहले पुलिस के सामने आत्मसमर्पण करने और उसके बाद जमानत की मांग करने को कहा। सुप्रीम कोर्ट ने साफ किया कि जमानत के बाद निकाला गया कथित जुलूस और गवाहों को धमकाने के आरोप गंभीरता से देखे जाएंगे।
गैर-जमानती वारंट के बावजूद गिरफ्तारी नहीं
सुप्रीम कोर्ट ने दर्ज किया कि आरोपी के खिलाफ अगस्त में गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया गया था, लेकिन अब तक उस पर अमल नहीं हुआ। अदालत ने कहा कि वारंट क्यों लागू नहीं हो पाया, इस पर वह फिलहाल विस्तार से नहीं जा रही है।
अब कोर्ट ने चरखी दादरी के पुलिस अधीक्षक को वारंट पर कार्रवाई करने और आरोपी को अगली सुनवाई में पेश करने का निर्देश दिया है। कोर्ट की रजिस्ट्री को आदेश की प्रति 24 घंटे के भीतर पुलिस अधीक्षक तक ईमेल और अन्य माध्यमों से भेजने को भी कहा गया है।
हाई कोर्ट ने पांचवीं बार में दी थी जमानत
पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने आरोपी विशाल को 23 अप्रैल को जमानत दी थी। इससे पहले उसकी जमानत अर्जी चार बार खारिज हो चुकी थी। आरोपी तीन साल से अधिक समय तक जेल में रहा था।
सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई 8 सितंबर को हुई थी। उस समय आरोपी की ओर से उसका वकील अदालत में मौजूद था। अब शीर्ष अदालत ने आरोपी की गिरफ्तारी और अगली सुनवाई में पेशी का आदेश दिया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला 27 अक्टूबर 2022 का है। जानकारी के मुताबिक, आरोपी विशाल विवादित जमीन पर टीन की छत बनाने का काम शुरू कर रहा था। इसी बात को लेकर शिकायतकर्ता राजबाला के परिवार के लोगों से उसका विवाद हुआ था। आरोप है कि बहस बढ़ने के बाद विशाल ने लाठी और कुल्हाड़ी से कई लोगों पर हमला किया। इस घटना में कई लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे, जिनमें से एक की मौत हो गई थी।
घटना के बाद आरोपी को गिरफ्तार किया गया था। वह लंबे समय तक जेल में रहा और बाद में हाई कोर्ट से जमानत मिली। अब जमानत के बाद कथित विजय जुलूस और गवाहों को धमकाने के आरोपों ने मामले को फिर से सुप्रीम कोर्ट के सामने ला दिया है।
आगे क्या होगा?
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब हरियाणा पुलिस को आरोपी के खिलाफ जारी गैर-जमानती वारंट पर कार्रवाई करनी होगी। आरोपी को गिरफ्तार कर 21 सितंबर को सुप्रीम कोर्ट में पेश किया जाना है। इसके बाद अदालत आगे की कार्रवाई पर निर्णय लेगी।




