नोएडा, ग्रेटर नोएडा और यमुना अथॉरिटी के खिलाफ किसानों का आंदोलन रविवार को और उग्र हो गया। हजारों किसान महापंचायत के बाद तीनों अथॉरिटी का घेराव करने पहुंचे। भारतीय किसान यूनियन (BKU) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत भी आंदोलन में शामिल हुए और सरकार व अथॉरिटी को बड़ा संदेश दिया। आगे पढ़ें पूरी खबर…

महापंचायत में जुटे हजारों किसान
ग्रेटर नोएडा में आयोजित महापंचायत में बड़ी संख्या में किसान पहुंचे। किसानों ने जमीन अधिग्रहण, मुआवजा, आबादी के अधिकार और लंबित मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रशासन भी भारी संख्या में तैनात रहा।
राकेश टिकैत का बड़ा ऐलान
महापंचायत को संबोधित करते हुए राकेश टिकैत ने कहा कि जब तक किसानों की मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जरूरत पड़ने पर आंदोलन को और बड़ा रूप दिया जाएगा और पूरे पश्चिमी उत्तर प्रदेश के किसान इसमें शामिल होंगे।
किसानों की मुख्य मांगें
- जमीन अधिग्रहण का उचित मुआवजा।
- आबादी और प्लॉट से जुड़े लंबित मामलों का समाधान।
- किसानों के अधिकारों की सुरक्षा।
- तीनों अथॉरिटी के साथ लंबित समझौतों को लागू करना।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
आंदोलन को देखते हुए नोएडा और ग्रेटर नोएडा में पुलिस ने कई जगह बैरिकेडिंग की। प्रमुख मार्गों पर ट्रैफिक डायवर्ट किया गया ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।
आगे क्या होगा?
किसानों ने साफ कहा है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। वहीं प्रशासन का कहना है कि किसानों से बातचीत के जरिए समाधान निकालने की कोशिश जारी है।




