हरियाणा के रेवाड़ी स्थित इंदिरा गांधी विश्वविद्यालय (IGU), मीरपुर में उच्च शिक्षा और शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर हरियाणा फेडरेशन ऑफ यूनिवर्सिटी एंड कॉलेज टीचर ऑर्गेनाइजेशन्स (HFUCTO) के बैनर तले राज्य स्तरीय सांकेतिक धरना आयोजित किया गया। शिक्षकों ने विश्वविद्यालय के कुलपति के माध्यम से मुख्यमंत्री हरियाणा के नाम 11 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और मांगें पूरी नहीं होने पर पंचकूला में बड़ा आंदोलन करने की चेतावनी दी।आगे पढ़ें पूरी खबर।

शिक्षकों ने उठाए खाली पद और शिक्षा की गुणवत्ता के मुद्दे
धरने में प्रदेश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त कॉलेजों से पहुंचे शिक्षकों ने कहा कि हरियाणा में बड़ी संख्या में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं। उनका आरोप है कि स्थायी भर्ती नहीं होने से छात्रों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और उन्हें अपनी पसंद के विषय भी नहीं मिल पा रहे हैं। शिक्षकों ने कहा कि नई शिक्षा नीति में आवश्यक संशोधन किए जाएं और सभी रिक्त पदों पर जल्द नियमित भर्ती की जाए।
छात्रों ने भी दिया शिक्षकों का साथ
धरने में छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी हिस्सा लिया। उनका कहना था कि शिक्षकों की कमी के कारण उच्च शिक्षा का स्तर लगातार गिर रहा है और संविदा शिक्षकों के भरोसे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना मुश्किल है।
IGU मीरपुर की सुविधाओं पर भी उठे सवाल
प्रदर्शन के दौरान विश्वविद्यालय की आधारभूत सुविधाओं का मुद्दा भी उठाया गया। शिक्षकों और छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय में बेहतर सड़क, परिवहन, छात्रावास, ऑडिटोरियम और अन्य जरूरी सुविधाओं की कमी है। उनका कहना है कि पर्याप्त फंड और संसाधनों के बिना उच्च शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर नहीं हो सकती।
सरकार को चेतावनी
HFUCTO ने साफ कहा कि यदि सरकार जल्द मांगों पर सकारात्मक फैसला नहीं लेती, तो पंचकूला स्थित शिक्षा सदन पर राज्य स्तरीय शिक्षक-छात्र संयुक्त धरना प्रदर्शन किया जाएगा।




