नेपाल में एक बार फिर कुदरत का कहर देखने को मिला है। बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक आई बाढ़ से घर और पुल बह गए, वहीं अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ के जख्म अब तक नहीं भरे हैं। हजारों लोग अभी भी लापता हैं और प्रभावित परिवार अपनों की तलाश में हैं। आखिर नेपाल में बाढ़ ने कितनी तबाही मचाई और अब किन इलाकों पर मंडरा रहा है खतरा? आगे पढ़ें पूरी खबर।

बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़, कई घर और पुल बहे
नेपाल के गोरखा जिले में रविवार, 11 अक्टूबर को बूढ़ी गंडकी नदी में अचानक बाढ़ आने से कई घर और पुल बह गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, चुमनुब्री ग्रामीण क्षेत्र के ऊपरी हिस्से में भूस्खलन के कारण नदी की एक धारा का रास्ता रुक गया था। इसके बाद पानी तेजी से नीचे की ओर बहने लगा।
बाढ़ के कारण एक दर्जन के करीब घरों और दो झूला पुलों के बहने की जानकारी सामने आई है। एक जलविद्युत परियोजना के कैंप को भी नुकसान पहुंचा है। गोरखा और धादिंग जिलों को जोड़ने वाला एक सड़क पुल भी पानी की चपेट में आ गया।
अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती रिपोर्टों में किसी की मौत की पुष्टि नहीं हुई थी। हालांकि, नुकसान का आकलन जारी है और हालात पर नजर रखी जा रही है।
छह जिलों में अलर्ट, लोगों को सुरक्षित जगह जाने की सलाह
बूढ़ी गंडकी अलर्ट नदी में पानी का स्तर बढ़ने के बाद नेपाल के आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। गोरखा, धादिंग, तनहुँ, चितवन और नवलपरासी के पूर्वी व पश्चिमी क्षेत्रों में नदी के निचले हिस्सों के लिए चेतावनी जारी की गई।
प्रशासन ने लोगों से नदी के किनारे जाने से बचने और खतरे वाले इलाकों से सुरक्षित स्थानों पर पहुंचने को कहा है। सेना और पुलिस की टीमें राहत एवं बचाव कार्यों में जुटी हैं। कुछ लोगों को सुरक्षित निकालने की जानकारी भी सामने आई है।
अधिकारियों को आशंका है कि नदी का जलस्तर और प्रवाह बदलने से निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना रह सकता है।
अगस्त की बाढ़ का दर्द अब भी बरकरार, 5,285 लोग लापता
नेपाल में अगस्त में आई विनाशकारी बाढ़ का असर अब भी हजारों परिवारों पर बना हुआ है। 26 अगस्त को आई बाढ़ के बाद कम से कम 1,455 लोगों की मौत की पुष्टि हुई थी, जबकि 5,285 लोग लापता बताए गए। बचाव अभियान के दौरान 13,795 लोगों को सुरक्षित निकाला गया था।
5 अक्टूबर को नेपाल प्रशासन ने लापता लोगों की तलाश के लिए चलाए जा रहे व्यापक अभियान को समाप्त कर पुनर्वास और पुनर्निर्माण पर ध्यान देने का फैसला किया। हालांकि, जरूरत पड़ने पर आपातकालीन बचाव कार्य जारी रहेंगे।
इस आपदा ने घरों, सड़कों, पुलों और जलविद्युत परियोजनाओं को भारी नुकसान पहुंचाया। हजारों परिवारों के सामने अब घर दोबारा बनाने और सामान्य जीवन में लौटने की चुनौती है।
राहत के बाद अब पुनर्वास की चुनौती, अरबों डॉलर की जरूरत
बाढ़ से प्रभावित इलाकों में अब राहत सामग्री पहुंचाने, सड़कों और पुलों को दोबारा बनाने तथा विस्थापित परिवारों को बसाने पर जोर दिया जा रहा है। कई जगहों पर बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचने के कारण राहत और जरूरी सामान पहुंचाना मुश्किल बना हुआ है।
अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती पुनर्वास और पुनर्निर्माण के लिए करीब 5 अरब डॉलर की जरूरत का अनुमान लगाया गया है। लापता लोगों के परिवारों के लिए कानूनी औपचारिकताएं पूरी करना और मुआवजे से जुड़ी प्रक्रियाएं भी एक बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
एक तरफ नई बाढ़ की चेतावनी, दूसरी तरफ पुराने जख्म भरने की कोशिश
नेपाल में बूढ़ी गंडकी नदी में आई नई बाढ़ ने आपदा प्रबंधन को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। अगस्त की त्रासदी से प्रभावित परिवार अभी अपने नुकसान से उबरने की कोशिश कर रहे हैं, तभी एक बार फिर कई इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई है।
फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा, प्रभावित इलाकों की निगरानी और जरूरी राहत पहुंचाना है। विशेषज्ञों के मुताबिक, पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन और अचानक नदी का रास्ता रुकने जैसी घटनाएं बाढ़ का खतरा बढ़ा सकती हैं। इसलिए चेतावनी मिलने पर स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करना बेहद जरूरी है।






