अमेरिका और ईरान के बीच जारी तनाव ने अमेरिकी मध्यावधि चुनाव से ठीक पहले एक नया मोड़ ले लिया है। अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के कुछ ठिकानों पर सीमित सैन्य हमले किए हैं। यह कार्रवाई ऐसे समय हुई है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहले कहा था कि 3 नवंबर के चुनाव से पहले अमेरिका ईरान पर हमला नहीं करेगा। अब इस सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच तनाव और बातचीत की संभावनाओं को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। आखिर अमेरिका ने हमला क्यों किया और ईरान की ओर से क्या प्रतिक्रिया आई? आगे पढ़ें पूरी खबर।

होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका ने किए सीमित हमले
एसोसिएटेड प्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, एक अमेरिकी अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर बताया कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान के कुछ ठिकानों पर सीमित रक्षात्मक हमले किए हैं।
अधिकारी के अनुसार, ईरानी सेना की ओर से अमेरिकी सैन्य संपत्तियों पर सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलों का इस्तेमाल किए जाने के बाद यह कार्रवाई की गई। ईरान के केशम द्वीप पर धमाकों की खबरें भी सामने आई हैं।
हालांकि, शुरुआती रिपोर्ट में हमले के सभी ठिकानों और नुकसान का पूरा विवरण सामने नहीं आया है।
ट्रंप ने पहले क्या कहा था?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 8 अक्टूबर को सोशल मीडिया पोस्ट में कहा था कि अमेरिका 3 नवंबर को होने वाले मध्यावधि चुनाव से पहले ईरान पर हमला नहीं करेगा।
उन्होंने यह भी कहा था कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ रही है। हालांकि, उस दौरान ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकेबंदी जारी रहने की बात भी कही गई थी।
अब चुनाव से ठीक पहले अमेरिकी सैन्य कार्रवाई की खबर सामने आने के बाद ट्रंप के पुराने बयान की चर्चा तेज हो गई है।
ईरान के साथ बातचीत का रास्ता भी खुला?
सैन्य कार्रवाई के बीच कूटनीतिक बातचीत की संभावनाएं भी बनी हुई हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कतर की मध्यस्थता में अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते को लेकर बातचीत आगे बढ़ी है।
इस प्रस्तावित व्यवस्था में ईरान की ओर से होर्मुज जलडमरूमध्य में हमले रोकने और अमेरिका की ओर से ईरानी बंदरगाहों पर लगी नाकेबंदी हटाने जैसे मुद्दे शामिल बताए गए हैं।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी कहा है कि राष्ट्रपति ट्रंप और उनकी टीम बातचीत के जरिए समझौता होने को लेकर आशावादी हैं। हालांकि, उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को दोबारा विकसित नहीं करने की सत्यापन योग्य गारंटी की जरूरत पर जोर दिया।
होर्मुज जलडमरूमध्य क्यों है इतना अहम?
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। खाड़ी देशों से बड़ी मात्रा में कच्चा तेल और गैस इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचती है।
इस क्षेत्र में तनाव बढ़ने से तेल की आपूर्ति, समुद्री व्यापार और वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हो सकते हैं। यही वजह है कि अमेरिका और ईरान के बीच यहां होने वाली हर सैन्य गतिविधि पर दुनिया की नजर रहती है।
चुनाव से पहले सैन्य कार्रवाई ने बढ़ाई चर्चा
अमेरिका में 3 नवंबर को मध्यावधि चुनाव के बीच ईरान पर हुई कार्रवाई ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में नया सवाल खड़ा कर दिया है। एक तरफ ट्रंप का पहले दिया गया बयान है, तो दूसरी तरफ अमेरिकी सेना की ताजा कार्रवाई।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि इस सीमित सैन्य कार्रवाई के बाद दोनों देशों के बीच बातचीत किस दिशा में आगे बढ़ेगी। आने वाले समय में ईरान की प्रतिक्रिया और अमेरिकी प्रशासन के अगले कदम पर सबकी नजर रहेगी।






