संयुक्त राष्ट्र, 29 जुलाई। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास वाणिज्यिक जहाजों पर हो रहे हमलों को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। भारत ने साफ कहा कि व्यापारिक जहाजों और निर्दोष नागरिकों पर हमले किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किए जा सकते, खासकर तब जब इन जहाजों पर भारतीय नागरिक भी सवार हों।

संयुक्त राष्ट्र में भारत की उप-स्थायी प्रतिनिधि योजना पटेल ने सुरक्षा परिषद की बैठक में कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य भारत की ऊर्जा सुरक्षा, व्यापार और आर्थिक हितों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है। ऐसे में इस क्षेत्र में नौवहन की स्वतंत्रता और जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित की जानी चाहिए।
भारत ने कहा कि व्यापारिक जहाजों को सैन्य हमलों का निशाना बनाना निंदनीय है और इससे वैश्विक व्यापार के साथ-साथ लाखों लोगों की आजीविका पर भी असर पड़ता है। भारत ने सभी पक्षों से तनाव कम करने, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और समुद्री मार्गों को सुरक्षित बनाए रखने की अपील की।
भारत ने यह भी याद दिलाया कि उसने पहले भी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के उस प्रस्ताव का समर्थन किया था, जिसमें खाड़ी क्षेत्र के देशों और होर्मुज से गुजरने वाले जहाजों पर हमलों की कड़ी निंदा की गई थी।
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत का यह बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि देश की बड़ी मात्रा में कच्चे तेल की आपूर्ति इसी समुद्री मार्ग से होती है। ऐसे में होर्मुज में किसी भी तरह की अस्थिरता का सीधा असर भारत की ऊर्जा सुरक्षा और वैश्विक सप्लाई चेन पर पड़ सकता है।
अब पूरी दुनिया की नजर इस बात पर है कि क्या क्षेत्रीय तनाव कम होगा या फिर होर्मुज जलडमरूमध्य में बढ़ता संकट वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर और बड़ा असर डालेगा।


