अमृतसर, 29 जुलाई। अकाल तख्त के कार्यवाहक जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज ने गुरुद्वारों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाने पर आपत्ति जताते हुए बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सिख धर्म में योग के लिए कोई स्थान नहीं है और गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों को गुरुद्वारों के परिसर में योग सत्र आयोजित करने या उनकी अनुमति नहीं देनी चाहिए।

श्री हरमंदिर साहिब परिसर स्थित मंजी साहिब दीवान हॉल में दैनिक कथा के दौरान उन्होंने कहा कि कुछ सिख युवाओं ने गुरुद्वारों में योग कार्यक्रम आयोजित होने पर चिंता जताई थी। इसके बाद उन्होंने स्पष्ट किया कि आज जिस रूप में योग का अभ्यास किया जाता है, वह मुख्य रूप से शारीरिक व्यायाम, आसनों और श्वास संबंधी अभ्यासों पर आधारित है, जो गुरुद्वारों की धार्मिक परंपरा का हिस्सा नहीं हैं।
कार्यवाहक जत्थेदार ने कहा कि लोग अपने घरों या निजी स्थानों पर योग या अन्य शारीरिक व्यायाम कर सकते हैं, लेकिन गुरुद्वारों के दीवान हॉल, लंगर हॉल या अन्य धार्मिक परिसर में ऐसे कार्यक्रम आयोजित करना सिख मर्यादा के अनुरूप नहीं है। उन्होंने कहा कि गुरुघर श्रद्धालुओं को गुरबाणी और शबद से जोड़ने के लिए स्थापित किए गए हैं, इसलिए वहां ऐसे कार्यक्रम नहीं होने चाहिए जो श्रद्धालुओं का ध्यान धार्मिक संदेश से भटकाएं।
उन्होंने सभी गुरुद्वारा प्रबंधन समितियों से अपील की कि वे गुरुद्वारों की धार्मिक गरिमा और परंपराओं को बनाए रखें तथा परिसर में योग सत्र आयोजित करने की अनुमति न दें। यह बयान ऐसे समय आया है जब कुछ स्थानों पर गुरुद्वारों में योग कार्यक्रम आयोजित किए जाने को लेकर चर्चा चल रही है।


