दिल्ली में CJP प्रदर्शन और नेताओं की हिरासत का मामला अब और तूल पकड़ता नजर आ रहा है। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने अभिजीत दीपके की गिरफ्तारी पर सवाल उठाते हुए भूख हड़ताल की चेतावनी दी है। आखिर वांगचुक ने क्या कहा और इस विवाद में अब आगे क्या हो सकता है? आगे पढ़ें पूरी खबर।

सोनम वांगचुक ने सरकार को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया
सोनम वांगचुक ने दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि 24 घंटे के भीतर लोगों को रिहा नहीं किया गया, तो वह दोबारा भूख हड़ताल या शांतिपूर्ण पदयात्रा शुरू कर सकते हैं।
अभिजीत दीपके की हिरासत पर क्यों उठा सवाल?
CJP के संस्थापक अभिजीत दीपके और संगठन के अन्य सदस्यों को 10 अक्टूबर को दिल्ली पहुंचने पर पुलिस ने हिरासत में लिया। ये नेता जंतर-मंतर पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रस्तावित प्रदर्शन में शामिल होने आए थे। CJP ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए नेताओं की रिहाई की मांग की।
दिल्ली में प्रदर्शन को लेकर क्या है पूरा विवाद?
CJP का प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर उठाए गए सवालों से जुड़ा है। दिल्ली पुलिस ने पहले प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी थी। इसके बाद राजधानी में सुरक्षा बढ़ाई गई और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की खबरें सामने आईं।
सोनम वांगचुक दिल्ली के प्रदर्शन में शामिल क्यों नहीं हुए?
वांगचुक ने 10 अक्टूबर के प्रदर्शन में हिस्सा नहीं लिया। उन्होंने बताया कि वह लद्दाख में सर्दियों की तैयारियों, जल सुरक्षा और ग्लेशियल झीलों से जुड़े जोखिमों पर काम कर रहे हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों से उन्होंने शांतिपूर्ण रहने और एकजुटता बनाए रखने की अपील की।
अब आगे क्या होगा?
अब सभी की नजर इस बात पर है कि हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई को लेकर प्रशासन क्या कदम उठाता है। वांगचुक की चेतावनी के बाद यह देखना अहम होगा कि क्या मामला बातचीत से सुलझता है या फिर भूख हड़ताल और पदयात्रा की दिशा में आगे बढ़ता है।




