हरियाणा से लेकर उत्तर प्रदेश तक राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। हरियाणा में कांग्रेस ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विधानसभा क्षेत्र लाडवा से अपना अभियान शुरू करने की तैयारी की है। वहीं, उत्तर प्रदेश में BJP छह अलग-अलग क्षेत्रों में पदयात्राएं निकालने जा रही है। दोनों दल इन अभियानों के जरिए जनता के बीच अपनी बात पहुंचाने और संगठन को सक्रिय करने की कोशिश में हैं। आगे पढ़ें पूरी खबर।

लाडवा से कांग्रेस की शुरुआत, सैनी सरकार को घेरने की तैयारी
हरियाणा में कांग्रेस ने अपने अभियान की शुरुआत मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विधानसभा क्षेत्र लाडवा से करने की रणनीति बनाई है। पार्टी इस अभियान के जरिए मतदाता अधिकारों और स्थानीय मुद्दों को जनता के बीच उठाना चाहती है।
कांग्रेस की ओर से किसानों की समस्याएं, बेरोजगारी और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दों को भी उठाए जाने की बात कही जा रही है। लाडवा से शुरुआत को मुख्यमंत्री के राजनीतिक क्षेत्र में अपनी मौजूदगी दर्ज कराने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
वोटर अधिकारों को लेकर गांव-गांव पहुंचेगी कांग्रेस
कांग्रेस के अभियान का प्रमुख मुद्दा मतदाता सूची और वोटर अधिकार बताए जा रहे हैं। पार्टी कार्यकर्ताओं के जरिए गांवों और स्थानीय स्तर पर लोगों से संपर्क करने की योजना है। इसका उद्देश्य मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता बढ़ाना और लोगों की शिकायतों को सामने लाना है।
उत्तर प्रदेश में BJP की छह पदयात्राओं की तैयारी
दूसरी ओर उत्तर प्रदेश में BJP छह संगठनात्मक क्षेत्रों में पदयात्राएं निकालने की तैयारी कर रही है। इन कार्यक्रमों के जरिए पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और जनता से सीधा संवाद स्थापित करने पर जोर रहेगा।
इन पदयात्राओं में लखनऊ, बरेली, गोरखपुर, प्रयागराज, कानपुर और गाजियाबाद जैसे क्षेत्रों को शामिल किया गया है। कार्यक्रम 3 से 5 नवंबर के बीच आयोजित किए जाने हैं।
विपक्ष के नैरेटिव का जवाब देने की रणनीति
BJP इन पदयात्राओं के जरिए विपक्ष की ओर से उठाए जा रहे मुद्दों का जवाब देने और अपने राजनीतिक संदेश को जनता तक पहुंचाने की कोशिश करेगी। पार्टी के लिए यह अभियान संगठनात्मक सक्रियता बढ़ाने और अलग-अलग क्षेत्रों में कार्यकर्ताओं के साथ संपर्क मजबूत करने का अवसर भी होगा।
हरियाणा और यूपी में अलग-अलग सियासी रणनीति
हरियाणा में कांग्रेस मुख्यमंत्री के विधानसभा क्षेत्र से अभियान शुरू कर सरकार को स्थानीय मुद्दों पर घेरने की तैयारी में है। वहीं, उत्तर प्रदेश में BJP कई क्षेत्रों में पदयात्राओं के जरिए संगठन और जनसंपर्क पर जोर दे रही है।
दोनों राज्यों में इन अभियानों का असर आने वाले दिनों की राजनीतिक गतिविधियों में देखने को मिल सकता है।





