देहरादून, 29 जुलाई। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में भारी बारिश के बीच एक नई सड़क परियोजना पर सवाल खड़े हो गए हैं। करीब 16 करोड़ रुपये की लागत से बना नंदा की चौकी स्थित टोंस नदी का पुल, उद्घाटन के महज 17 दिन बाद ही चर्चा में आ गया, जब उसकी एप्रोच रोड (पुल तक जाने वाला मार्ग) धंस गई और वहां एक बड़ा गड्ढा बन गया। इससे देहरादून–पांवटा साहिब मार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया।

लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण एप्रोच रोड के नीचे की मिट्टी बह गई, जिससे सड़क का एक हिस्सा धंस गया। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि पुल का मुख्य ढांचा सुरक्षित है और नुकसान केवल एप्रोच रोड तक सीमित है। इसके बावजूद घटना ने निर्माण की गुणवत्ता और मानसून के लिहाज से तैयारियों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना के बाद जिला प्रशासन और लोक निर्माण विभाग (PWD) की टीमें मौके पर पहुंचीं। अधिकारियों ने क्षतिग्रस्त हिस्से की मरम्मत शुरू कर दी और वैकल्पिक मार्गों से यातायात संचालित कराया। जिला प्रशासन का कहना है कि जल्द से जल्द सड़क को दोबारा चालू करने का प्रयास किया जा रहा है।
इस घटना को लेकर विपक्ष ने सरकार पर निशाना साधा है। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद पुल की एप्रोच रोड कुछ ही दिनों में धंस जाना निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े करता है। वहीं, प्रशासन का कहना है कि भारी बारिश के कारण मिट्टी कटने से यह स्थिति बनी और तकनीकी जांच कराई जा रही है।
फिलहाल, घटना की जांच जारी है। तकनीकी विशेषज्ञ यह पता लगाएंगे कि एप्रोच रोड के धंसने के पीछे केवल अत्यधिक वर्षा जिम्मेदार थी या निर्माण और डिजाइन में भी कोई कमी रही।


