पटना, 29 जुलाई। बिहार में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। पटना हाईकोर्ट ने तीन फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित करने का फैसला किया है, जहां परीक्षा अपराधों से जुड़े मामलों की तेजी से सुनवाई होगी। ये विशेष अदालतें पटना, लखीसराय और पूर्णिया में स्थापित की जाएंगी।
हाईकोर्ट ने इन अदालतों को निर्देश दिया है कि पेपर लीक और परीक्षा अपराधों से जुड़े मामलों का निपटारा 90 दिनों के भीतर किया जाए। इसके लिए न्यायिक अधिकारियों की नियुक्ति भी कर दी गई है, ताकि लंबित मामलों का जल्द निस्तारण हो सके और दोषियों को समय पर सजा मिल सके।

यह फैसला ऐसे समय आया है जब बिहार में बीपीएससी शिक्षक भर्ती (TRE-3) समेत कई परीक्षा मामलों में जांच एजेंसियां सक्रिय हैं और हाल के दिनों में कई गिरफ्तारियां भी हुई हैं। सरकार और न्यायपालिका का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और संगठित पेपर लीक गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।
कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों के गठन से जांच और सुनवाई की प्रक्रिया तेज होगी, जिससे अभ्यर्थियों का परीक्षा प्रणाली पर भरोसा मजबूत होगा। हाल के दिनों में केंद्र सरकार ने भी सार्वजनिक परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों पर सख्त कानून और फास्ट ट्रैक कोर्ट की व्यवस्था पर जोर दिया है।


