भोपाल, 29 जुलाई। मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने अपने भविष्य की राजनीतिक भूमिका को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अब उनकी प्राथमिकता चुनावी राजनीति नहीं, बल्कि धर्म, आस्था और जनहित से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना होगी। उनके मुताबिक, वह राजनीतिक पद या चुनाव लड़ने की बजाय समाज से जुड़े विषयों पर सक्रिय रहेंगे।

दिग्विजय सिंह ने घोषणा की है कि वह 2 अक्टूबर से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या के राम मंदिर तक पदयात्रा निकालेंगे। उनका कहना है कि इस यात्रा का उद्देश्य राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान और चढ़ावे को लेकर उठे सवालों पर पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग करना है। उनका दावा है कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े मामलों में पूरी स्पष्टता होनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि इस पदयात्रा को किसी राजनीतिक अभियान के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, यह यात्रा किसी पार्टी के हित के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता और श्रद्धालुओं के विश्वास को मजबूत करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है।
दूसरी ओर, भाजपा ने दिग्विजय सिंह के इस कदम पर सवाल उठाते हुए इसे राजनीतिक एजेंडा बताया है। वहीं कांग्रेस का कहना है कि जनता और श्रद्धालुओं से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाना लोकतंत्र का हिस्सा है। दिग्विजय सिंह के इस ऐलान के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में नई बहस छिड़ गई है और आने वाले दिनों में उनकी प्रस्तावित पदयात्रा पर सभी की नजरें टिकी रहेंगी।


