
हरियाणा के रोहतक स्थित PGIMS से मेडिकल छात्रों की पढ़ाई और सुविधाओं को लेकर एक बड़ा सवाल सामने आया है। MBBS फाइनल ईयर की छात्रा डॉ. मोनिका गोयत ने कॉलेज के एजुकेशन सिस्टम पर सवाल उठाते हुए सोशल मीडिया पर वीडियो शेयर किया है।
छात्रा का आरोप है कि PGIMS में स्टूडेंट्स के लिए पर्याप्त रीडिंग रूम यानी लाइब्रेरी की सुविधा नहीं मिल रही। उनका कहना है कि जिस रीडिंग रूम को पहले पढ़ाई के लिए इस्तेमाल किया जाता था, उसे अब एग्जाम हॉल बना दिया गया है।डॉ. मोनिका के मुताबिक, मेडिकल छात्रों को रीडिंग रूम साल में सिर्फ 10 से 15 दिन ही उपलब्ध हो पाता है, जबकि मेडिकल कॉलेज में लाइब्रेरी की सुविधा जरूरी है। उन्होंने प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि अगर छात्रों को जरूरी सुविधाएं नहीं मिलेंगी, तो वे अपनी समस्या को लेकर आवाज उठाने के लिए मजबूर होंगे।वहीं, छात्रा के आरोपों पर हेल्थ यूनिवर्सिटी के रजिस्ट्रार डॉ. रूप सिंह ने अलग दावा किया है। उनका कहना है कि लाइब्रेरी छात्रों के लिए उपलब्ध है, एग्जाम सिर्फ तीन घंटे का होता है और उसके बाद लाइब्रेरी खुली रहती है। उनके मुताबिक छात्रों को किसी तरह की परेशानी नहीं है।यानी एक तरफ मेडिकल छात्रा सुविधाओं की कमी का सवाल उठा रही हैं, तो दूसरी तरफ यूनिवर्सिटी प्रशासन का कहना है कि सुविधाएं उपलब्ध हैं।अब असली सवाल यही है—मेडिकल छात्रों को पढ़ाई के लिए पर्याप्त सुविधाएं मिल रही हैं या फिर सिस्टम की खामियों को लेकर उठाई गई आवाज को नजरअंदाज किया जा रहा है?
फिलहाल, छात्रा के वीडियो के बाद यह मुद्दा चर्चा में आ गया है।

