गुरुग्राम में बढ़ते प्रदूषण और लगातार मिल रही शिकायतों के बीच हरियाणा सरकार ने बड़ा प्रशासनिक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की समीक्षा बैठक के बाद हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (HSPCB) के गुरुग्राम नॉर्थ और साउथ के क्षेत्रीय अधिकारियों को निलंबित कर दिया गया। आरडब्ल्यूए की ओर से मिल रही शिकायतों और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी जिम्मेदारियों को लेकर यह कार्रवाई की गई। आगे पढ़ें पूरी खबर।

दो क्षेत्रीय अधिकारियों पर कार्रवाई
निलंबित अधिकारियों में गुरुग्राम नॉर्थ की क्षेत्रीय अधिकारी आकांक्षा तंवर और गुरुग्राम साउथ के क्षेत्रीय अधिकारी मुकुल कुमार शामिल हैं। दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
RWA की शिकायतों के बाद लिया गया फैसला
जानकारी के मुताबिक, गुरुग्राम की विकास परियोजनाओं को लेकर हुई समीक्षा बैठक में प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई। इस दौरान रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (RWA) की ओर से लगातार मिल रही शिकायतों का भी मुद्दा सामने आया। इसके बाद दोनों क्षेत्रीय अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई।
प्रदूषण को लेकर सरकार का सख्त रुख
गुरुग्राम में निर्माण कार्य, सड़क की धूल, कचरा प्रबंधन और वाहनों से होने वाला प्रदूषण लंबे समय से चिंता का विषय रहे हैं। अक्टूबर की शुरुआत में ही प्रदूषण को लेकर प्रशासनिक निगरानी बढ़ने के बीच यह कार्रवाई सामने आई है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े मामलों में प्रभावी निगरानी और समय पर कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
अब अधिकारियों की जवाबदेही पर जोर
सरकार की इस कार्रवाई के बाद प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े विभागों की कार्यप्रणाली और निगरानी व्यवस्था पर भी ध्यान बढ़ गया है। हालांकि, निलंबन आदेशों में दोनों अधिकारियों के खिलाफ अलग-अलग आरोपों का विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किया गया है।
गुरुग्राम में आने वाले दिनों में प्रदूषण नियंत्रण को लेकर जमीनी स्तर पर क्या कदम उठाए जाते हैं, इस पर नजर रहेगी।





