
कहते हैं मां अपने बच्चे की जिंदगी बचाने के लिए किसी भी हद तक जा सकती है… लेकिन यहां एक मां ने अपने बेटे की जिंदगी बचाने के लिए ऐसा फैसला लिया, जिसे सुनकर आप भी भावुक हो जाएंगे।मामला मोहाली का बताया जा रहा है, जहां एक मां ने अपने बेटे की जान बचाने के लिए अपनी ही किडनी दान कर दी। उम्मीद थी कि किडनी ट्रांसप्लांट के बाद बेटे की जिंदगी पटरी पर लौट आएगी… लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था।मोहाली के एक प्राइवेट अस्पताल में अल्ताफ का किडनी ट्रांसप्लांट हुआ, लेकिन ट्रांसप्लांट के बाद उसकी किडनी फेल हो गई। हालत बिगड़ने लगी तो पिता अपने बेटे को लेकर चंडीगढ़ PGI पहुंचे।अल्ताफ करीब 8 दिन तक PGI में भर्ती रहा, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ। अब परिवार के सामने एक और बड़ी परेशानी खड़ी हो गई—हर तीसरे दिन डायलिसिस।परिवार के मुताबिक, PGI में सस्ती डायलिसिस के लिए करीब 500 रुपये खर्च होते हैं, लेकिन नंबर नहीं मिलने पर बाहर से डायलिसिस करवाने के लिए करीब 3 हजार रुपये तक खर्च करने पड़ते हैं।इलाज का खर्च बढ़ता गया और हालात ऐसे बने कि परिवार को अपनी एक बीघा जमीन तक बेचनी पड़ी।यानी एक तरफ बेटा जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहा है… दूसरी तरफ परिवार इलाज का खर्च जुटाने के लिए अपनी जमा-पूंजी और जमीन तक गंवा चुका है।मां ने अपनी किडनी देकर बेटे को नई जिंदगी देने की कोशिश की थी, लेकिन ट्रांसप्लांट फेल होने के बाद अब पूरा परिवार मदद और इलाज के सहारे की उम्मीद लगाए बैठा है।यह कहानी सिर्फ एक बीमारी की नहीं, बल्कि उस मां की कुर्बानी और उस परिवार की मजबूरी की कहानी है, जो अपने बेटे की जिंदगी बचाने के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है।

