हिसार से एक स्कूल से जुड़ा ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्कूल की फीस, ड्रेस और बच्चों के साथ व्यवहार को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।आरोप है कि लाहौरिया सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक छात्र के परिजनों पर स्कूल प्रबंधन की ओर से ₹4,800 जमा कराने का दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का कहना है कि यह रकम प्रेस के नाम पर मांगी जा रही थी, जबकि उनके मुताबिक स्कूल ड्रेस पहले से ही उनके पास मौजूद थी।मामला तब और गंभीर हो गया, जब परिवार के आरोप के मुताबिक रकम देने से इनकार करने पर छात्र के साथ मारपीट की गई और उसे स्कूल से निकालने व फेल करने की धमकी दी गई।छात्र की मां का आरोप है कि जब उन्होंने स्कूल के डायरेक्टर से इस मामले में बात की और पैसे व कथित मारपीट को लेकर सवाल उठाए, तो उन्हें कथित तौर पर सख्त लहजे में जवाब दिया गया पैसे देने होंगे, वरना बच्चे को फेल कर देंगे या स्कूल से निकाल देंगे।अब इस पूरे मामले को लेकर पीड़ित परिवार ने उपायुक्त, जिला शिक्षा अधिकारी, SSP और थाना प्रभारी को लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।हालांकि, दूसरी तरफ स्कूल डायरेक्टर ने इन आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है।यानी इस वक्त सबसे बड़ा सवाल यही है आखिर ₹4,800 को लेकर शुरू हुआ विवाद इतना बढ़ा कैसे? क्या छात्र के साथ वास्तव में मारपीट हुई और दबाव बनाया गया, या फिर स्कूल प्रबंधन पर लगाए गए आरोप गलत हैं?अब पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इस विवाद ने एक बार फिर सवाल जरूर खड़ा कर दिया है—स्कूल में बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके सम्मान और सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है?


