हरियाणा रोडवेज के अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए जरूरी खबर है। अब बिना पूर्व अनुमति छुट्टी लेना भारी पड़ सकता है। रोडवेज विभाग ने छुट्टियों को लेकर सख्त निर्देश जारी किए हैं। नए नियम के तहत बिना मंजूरी के अवकाश लेने को अनुशासनहीनता माना जाएगा और संबंधित कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।

पहले लेनी होगी छुट्टी की मंजूरी
जानकारी के मुताबिक, 17 अगस्त को जारी आदेश में स्पष्ट किया गया है कि कैजुअल लीव समेत किसी भी तरह की छुट्टी के लिए सक्षम प्राधिकारी से पहले अनुमति लेना जरूरी होगा। यानी कर्मचारी बिना मंजूरी के छुट्टी पर नहीं जा सकेंगे।
इमरजेंसी में क्या करना होगा?
आपात स्थिति में भी कर्मचारियों को विभाग को सूचना देनी होगी। ग्रुप-A और B के अधिकारी अपने उच्चाधिकारी को इसकी जानकारी देंगे, जबकि ग्रुप-C और D के कर्मचारियों को संबंधित JDST को उसी दिन फोन या WhatsApp के जरिए छुट्टी का कारण बताना होगा।
बिना अनुमति छुट्टी पर होगी कार्रवाई
विभाग ने साफ किया है कि बिना अनुमति छुट्टी लेना अनुशासनहीनता माना जाएगा। ऐसे मामलों में संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है। नए निर्देशों के बाद रोडवेज कर्मचारियों को छुट्टी लेने से पहले अनुमति की प्रक्रिया का पालन करना होगा।
हरियाणा रोडवेज का यह फैसला कर्मचारियों की अनुपस्थिति और बस संचालन व्यवस्था को बेहतर तरीके से बनाए रखने के उद्देश्य से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

